संवत् 2083 विक्रमी | अश्विना शुक्ल षष्ठी | शुक्रवार
नक्षत्र: मूल | योग: शोभन | करण: कौलव
पर्व विशेष : | तदनुसार 16 अक्टूबर 2026
संस्कृत की ध्वनि संरचना, महेश्वर सूत्र, शब्द व्युत्पत्ति, उपनिषद, प्राणायाम, ऊर्जा चक्र और कम्प्यूटर भाषा से उसके संबंध पर केंद्रित यह आलेख भारतीय भाषिक परंपरा के वैज्ञानिक, दार्शनिक और तकनीकी आयामों को विस्तृत रूप में प्रस्तुत करता है।
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गंगा तट पर घटित केवट और श्रीराम का यह भावपूर्ण प्रसंग निष्कलुष भक्ति, समर्पण और प्रेम की अद्भुत अभिव्यक्ति है। लेख दर्शाता है कि केवट का हठ वास्तव में ईश्वर के प्रति उसकी अनन्य श्रद्धा थी, जिसके सामने स्वयं प्रभु भी वश में हो जाते हैं।
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भगवान परशुराम का जीवन केवल एक योद्धा की गाथा नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और धर्म की रक्षा का अद्वितीय संगम है। इस लेख में उनके जन्म, शिक्षा, संघर्ष और दुष्टों के विनाश के माध्यम से यह बताया गया है कि शक्ति और ज्ञान का संतुलन ही धर्म की स्थापना का…
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यह लेख हनुमान चालीसा के गूढ़ आध्यात्मिक, दार्शनिक एवं प्रतीकात्मक अर्थों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करता है। इसमें गुरु महिमा, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा मानव जीवन के आंतरिक शुद्धिकरण की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है। लेखक ने प्रत्येक चौपाई के माध्यम से हनुमान जी के गुणों, साधना…
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यह भावपूर्ण लेख श्रीराम और हनुमान जी के अद्वितीय प्रेम, भक्ति और समर्पण के दिव्य संबंध का वर्णन करता है। रामायण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि निस्वार्थ सेवा, अटूट विश्वास और भक्ति ही जीवन के सभी संकटों का समाधान है।
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